शिक्षा प्रभाव

पिछले तीन वर्षों में शिक्षा इनिशिएटिव ने 25000 छात्रों को प्रभावित किया है और इस दौरान 812 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षण भी उपलब्ध करवाया है, जिससे वह नयी तकनीकों के माध्यम से अपने पठन को अधिक प्रभावी बना सकते हैं| शिक्षा इनिशिएटिव 500 से ज्यादा विद्यालयों में काम करते हुए भारत को जिला दर जिला साक्षर करने में कार्यरत है|

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  शिक्षा इनिशिएटिव

शिक्षा इनिशिएटिव राज्य बोर्ड के पाठ्यक्रमपर आधारित, प्रौद्योगिकी की सहायता से प्राथमिक शिक्षा (कक्षा 1-5) में उच्च गुणवत्ता वाली आकर्षक पठनसामग्री के माध्यम से साक्षरता बढ़ाने का कार्यक्रम है| यह इंटरेक्टिव पठन सामग्री और समय-समय पर आकलनतथा शिक्षण को अधिक दिलचस्प, मजेदार और सीखने की प्रक्रिया को अत्यधिक प्रभावी बनाकर मौजूदा शैक्षिक चुनौतियों पर काबू पाने का प्रयास करता है।

आईसीटी के माध्यम से शैक्षणिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी करना

शिक्षकों को अभिनव मनोहन पठन तंत्र से लैस करना

कक्षा के वातावरण को ज्ञानार्जन के लिए और प्रभावशाली बनाना

शिक्षा को प्रोत्साहित करने के अलावा आवेदन संचालित ज्ञान पर ध्यान केंद्रित करवाना

  शिक्षा तंत्र

steps
कक्षा में छात्रों को शिक्षित करने के लिए और अपने मिशन में प्रभावी ढंग से निरक्षरता उन्मूलन करने के लिए शिक्षा इनिशिएटिव इन तीन चरणों का उपयोग करता है-

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कार्यक्षेत्र की कहानियां

निरक्षरता का उन्मूलन और आजीवन शिक्षारत विद्यार्थी तैयार करना

He is Jay, a grade 2 student of P.S. Khatana who lives with his parents. His parents work as daily wage laborers. When he was enrolled in SHIKSHA Initiative class, he was quiet and was not responsive to any of the questions asked.
It was a challenge for Ritu Rana (Teacher) to engage him with the content and other students.

Riyaz Bano who is 52 years of age lives with her husband in village Chholus of Dadri block. Before her marriage, women in her community were not allowed to go out of the house. They were usually unable to pursue education and end up getting married at a young age. Similarly, Riyaz Bano had no … Continue reading Riyaz Bano, SHIKSHA+ Learner, Chholus Centre


शिव नाडर फाउंडेशन

shivnadarशिव नाडर फाउंडेशन – शिव नादर,जो कि एचसीएल (६.३ अरब डॉलर कीवैश्विक प्रौद्योगिकी और आईटी उद्यम संस्था) अध्यक्ष हैं, के द्वारा १९९४ में स्थापित की गयी थी|खुद शिक्षा से लाभान्वित होकर श्री नाडर शिक्षा के महत्व को न सिर्फ़ समझते हैं बल्कि समर्थन भी करते हैं कि जनसांख्यिकीय लाभांश लेने के लिए शिक्षा अति महत्वपूर्ण है| उनके नेतृत्व में फाउंडेशन मुख्य रूप से शिक्षा के उत्कृष्ट और प्रतिष्ठित संस्थानों कोबनाने पर ध्यान केंद्र कर रहा है।

पिछले 21 वर्षों से फाउंडेशन समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने, रोजगार बाजार की विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए उच्च शिक्षा को अधिक प्रभावी और गुणवत्ता उन्मुख बनाने, अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने और वैश्विक और राष्ट्रीय महत्व की शोध पर कार्यरत है|अपनी स्थापना के समय से ही फाउंडेशन नेमात्रा की जगह गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित किया है।इसका उद्देश्य है समाज के सबसे वंचित वर्गों में से हर क्षेत्र में अधिनायक बनाना।

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पिछली घटनाएं

1,

मार्च 2017

Roshni Nadar’s Visit to SHIKSHA Enabled Schools of Kasmanda

Roshni Nadar Malhotra, Trustee, Shiv Nadar Foundation, visited SHIKSHA enabled schools on March 1, 2017 in Kasmanda block of Sitapur district. The agenda of the visit was twofold i.e. to understand the current scenario, progress and implementation of the project and also to meet parents and SMC (School Management Committee) members. During the visit, she … Continue reading Roshni Nadar’s Visit to SHIKSHA Enabled Schools of Kasmanda

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22,

नवम्बर 2016

Literacy for All in Kasmanda, Sitapur

SHIKSHA works with the vision to eradicate illiteracy from India by creating a lifelong learners and enhancing the learning process utilizing a technology-enabled learning program. With this objective, SHIKSHA, after an in-depth research and survey of Government Primary Schools launched its intervention in Kasmanda block of Sitapur district. The 1st Phase of equipment installation in … Continue reading Literacy for All in Kasmanda, Sitapur

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